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मिशन अम्बेडकर(मासिक)
 राखी जाटव
मूल्य रू 10/- (डाक व्यय अतिरिक्त)
01 जुलाई, 2004'मेन होल' के प्रति आभार

उस दिन की बात
मैं भूल नही पाता हूँ
आपको सुनाता ह
रात का समय,
घर पहुँचने की जल्दी
ढूँढा शोर्टकट,
रास्ता था विकट,
ऊबड-खाबड जमीन
खुले हुए ''मेन होल'
कोइ साथी भी नही,
जिससे लेता हँस-बोल,
घना अंधेरा था,
पास में ही शायद
बंजारों का डेरा था|
भय भगाने के लिये,
मैने खँखार कर थूका,
तभी डेरे की ओर से,
एक कुत्ता भूँका|
मैने फोरन अपनी चाल बढायी,
उधर, कुत्ते ने  दौड लगायी|        
मैं जोर से भागा,
कुत्ते का क्रोध जागा|
मैने सोचा, कहाँ आ फँसा,
आज जरूर होकर रहेगा कोई हादसा|
उसने मेरी पिंडली पर
बाँधा था निशाना,
मुझे खुद को
कुत्ते और मेनहोल,
दोनो से था बचना,   
मैंने लगायी दौड
कुत्ते ने ली होड
सामने था मेनहोल,
मैंने कसकर छलाँग लगायी
हो गया खतरे से बाहर
लेकिन कुत्ता मेनहोल के भीतर|
अब स्थिति यह थी,
कि मै ऊपर-ऊपर चल रहा था
और कुत्ता नीचे-नीचे
मैं भी साँस खीचे,
वह भी साँस खीचे,
अगले हर मेनहोल पर,
मैं चौंक जाता था
कुत्ता मुँह निकाल कर
भौक जाता था,
गनीमत, मुझ तक
नही पहुँच पाता था|
मैंने उस 'मेनहोल' कि
प्रति क्रतज्ञता जतायी,
जिसकी बदौलत
मैंने अपनी जान बचायी|


  पद्य

ससुराल की होली 
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-काव्य
नेतागीरी 
रचयिता - राम गुलाम रावत 
-काव्य
भारतीय खिलाडी के विश्व रिकार्ड 
रचयिता - डण्डा लखनवी 
-काव्य
लटक गया 
रचयिता - भोलानाथ 'अधीर' 
-गीत
हिन्दी 
रचयिता - श्रीनारायण अग्निहोत्री 'सनकी' 
-हास्य-व्यंग्य
'मेन होल' के प्रति आभार 
रचयिता - भोला नाथ 'अधीर' 
-हास्य-व्यंग्य
  गद्य

बडे वही इंसान
डण्डा लखनवी
मूल्य रू 50/- (डाक व्यय अतिरिक्त)

स्पंदन(त्रैमासिक)
डॉ0  मंगल प्रसाद
मूल्य रू 15/- (डाक व्यय अतिरिक्त)

पायल का कोई दोष नहीं
डॉ0 वेद मिश्र
मूल्य रू 75/- (डाक व्यय अतिरिक्त)


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