जय हिन्दी जय देवनागरी
अंशुमाली
मूल्य रू 60/- (डाक व्यय अतिरिक्त)

जय हिन्दी जय देवनागरी
मूल्य रू 60/- (डाक व्यय अतिरिक्त)
अंशुमाली
 

        इस ग्रंथ में कवि की कामना यही है कि राष्ट्र-भाषा हिन्दी को विश्व में समुचित सम्मान मिले | वह दिन राष्ट्र के लिये सचमुच  गौरवशाली होगा जब विदेशों में भी हमारे देशवासी इस भाषा में वार्ता एंव कामकाज करने में गौरव समझेंगें | हिन्दी को अनगिनत पुण्यात्माओं का वरदान मिलता रहा है | इस कारण कोई भी रूकावट हिन्दी को उसकी महान गरिमा दिलाने मे विलम्ब कर सकती है, पर वंचित नही|  

        कृति की अधिकॉश रचनाएं हिन्दी भाषा और साहित्य को केंद्र में रख कर लिखी गई हैं | हिन्दी साहित्य का काव्यमय इतिहास - वीर गाथा युग , भक्तिकाल , रीतियुग , काव्य सौष्ठव एंव आधुनितक नव जागरण काल शीर्षकों में गुम्फित किया गया है |

अमृत झरै बिदुर की बानी
सरन
मूल्य रू 40/- (डाक व्यय अतिरिक्त)

बडे वही इंसान
डण्डा लखनवी
मूल्य रू 50/- (डाक व्यय अतिरिक्त)

रूबाई-शतक
डॉ0 मिर्ज़ा हसन नासिर
मूल्य रू 50/- (डाक व्यय अतिरिक्त)


(c) 2003-2004 All rights reserved
Software Techno Center(STC),India