बडे वही इंसान
डण्डा लखनवी
मूल्य रू 50/- (डाक व्यय अतिरिक्त)

रूबाई-शतक
मूल्य रू 50/- (डाक व्यय अतिरिक्त)
डॉ0 मिर्ज़ा हसन नासिर
 

        डाँ0 मिर्ज़ा हसन नासिर हिन्दी ओर उर्दू के लब्ध प्रतिष्ठित कवि , लेखक एवं ज्योतिर्विद है तथा छन्दोंबद्ध कविता के सशक्त पक्षधर हैं| अबतक उनकी आठ काव्य-कृतियाँ हिन्दी में तथा पाँच पुस्तके  उर्दू में प्रकाशित हो चुकी हैं | डॉ0 नासिर रुबाई छ्न्द को हिन्दी में स्थापित करने एवं उसे लोकप्रिय बनाने हेतु प्रयत्नशील हैं | इसी क्रम में उन्होंने अपनी एक सौ आठ चयनित रुबाइयों का संकलन "रुबाई-शतक" के नाम से खड़ी बोली में प्रकाशित कराया है जिसमें हिन्दी रुबाइयों के साथ-साथ उनकी कई उर्दू रुबाइयात भी देवनागरी लिपि में लिखकर सम्मिलित की गई हैं |  
        ग्रंथ के प्रारंभ में "अरूज़ और रुबाई"  शीर्षक के अंर्तगत उनका एक शोधपरक आलेख भी सम्मिलित किया गया है जिसमें उर्दू -फारसी काव्य-शास्त्र एवं रुबाई-छन्द पर सम्यक प्रकाश डालते हुए रुबाई के चौबीसों औज़ान  सौदाहरण दे दिये गये हैं जिससे ग्रंथ की उपायोगिता बढ गई है | इसे पढ़ कर समझने के बाद हिन्दी कवि रुबाई और चार पंक्तियों वाले मुक्तक में अंतर समझ सकते हैं और थोडे परिश्रम से रुबाई कहंने में सफलता भी प्राप्त कर सकते हैं |

स्पंदन(त्रैमासिक)
डॉ0  मंगल प्रसाद
मूल्य रू 15/- (डाक व्यय अतिरिक्त)

उद्गार
 श्रीरमन
मूल्य रू 25/- (डाक व्यय अतिरिक्त)

त्रेता की अंतर्व्यथा
 श्रीरमन
मूल्य रू 100/- (डाक व्यय अतिरिक्त)


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